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2026 का चुनाव और ममता की गीदड़ भभकी। देखिये क्या होगा आगे…

2026 का चुनाव, ममता बनर्जी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि पश्चिम बंगाल में बेहतर परफॉरमेंस अगर TMC करती है, तो ममता बनर्जी संभवतः एक-दो साल CM रहेंगी। उसके बाद अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को सत्ता सौंप कर सीधे तौर पर INDI गठबंधन के नेतृत्व का दावा करेंगी या फिर तीसरा मोर्चा बना कर 2029  के चुनाव में PM की कुर्सी पर कब्जा करने की कोशिश करेंगी। ममता का शायद यही सपना है और मेरा यही अनुमान है।

लेकिन पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी विफल होती हैं तो INDI गठबंधन में नेतृत्व की संभावना तो ध्वस्त होती हुयी ही दिखेगी। तब शायद ऐसा भी हो कि अगर ममता बनर्जी तीसरे मोर्चे का गठन करना चाहें तो अन्य घटक दल, जिनका किसी प्रदेश में बेहतर परफॉरमेंस है, वो इन्हें तीसरे मोर्चे का नेता ही स्वीकार न करे। इसलिए भी ममता बनर्जी के लिए 2026 का चुनाव महत्वपूर्ण है।

ममता बनर्जी देख रही हैं कि पश्चिम बंगाल में जीत, नितीश कुमार के बाद INDI गठबंधन में PM की कुर्सी की दावेदारी के लिए जरुरी है या थर्ड फ्रंट के विकल्प के लिए भी महत्वपूर्ण है। नितीश कुमार ने अब PM की कुर्सी का ख्वाब देखना छोड़ किया है। पिछले लोकसभा चुनाव में तो INDI गठबंधन ने राहुल गाँधी के बदले उन्हें PM की कुर्सी तक सौंपने का प्लान कर लिया था, लेकिन मामला जमा नहीं था। उल्टे ये हुआ कि केंद्र में जब बीजेपी को अकेले बहुमत नहीं मिला तो चंद्रबाबू नायडू के साथ नितीश कुमार ने भी बीजेपी को समर्थन देकर NDA की सरकार बनायी।

ममता बनर्जी अति-महत्वकांक्षा में अति-एग्रेसिव भी हो गयी हैं। उनके एग्रेसिव होने के दो कारण हैं, पहला तो ये कि उन्हें महसूस होने लगा है कि अगर SIR सफल हुआ तो उनका घुसपैठिया वोटबैंक वोटरलिस्ट से बाहर हो जाएगा, और उनका हार भी सुनिश्चित हो जाएगी। दुसरा ये कि उनका PM बनने का सपना भी चूर-चूर होता हुआ दिखेगा। इसलिए ममता बनर्जी ने हाल में यहाँ तक धमकी दे दिया कि “चुनाव के बाद पुरे देश में आग लगा दूंगी… बीजेपी को बर्बाद कर दूंगी”।

ममता की धमकी उनके दावों की तरह ही खोखला है। पश्चिम बंगाल की वो “रानी” हैं, इस बात में कोई दोमत नहीं, लेकिन पश्चिम बंगाल के बाहर वो “नौकरानी” ही साबित होंगी। क्योंकि इनकी सियासत तो कुएं के मेढक की तरह ही रही। पश्चिम बंगाल के बाहर न तो TMC का कोई वजूद है और न ही ममता बनर्जी की हनक है। अगर पुरे देश में आग लगाने की बात है तो वो पड़ोसी राज्य बिहार, आसाम और झारखंड में भी आग तो क्या चिंगारी सुलगाने के काबिल भी नहीं हैं।

देश में आग लगाना तो बहुत दूर की कौड़ी ठहरी। हाँ ये बात जरुर है कि उनकी धमकी से उनके पराजय की गंध मिलने लगी है। ये गंध बताने लगी है कि पहली बार ऐसा हो रहा है कि ममता को हार का डर सताने लगा है। ममता बनर्जी की धमकी में “चुनाव के बाद” तो यही इशारा कर रहा है।

पश्चिम बंगाल में ममता सरकार को पलटना जरुरी है क्योंकि वहां के हिन्दुओं में ममता ने जो कई दशकों से बलात्कार, ह्त्या और आगजनी का डर समा दिया है, उस डर का निकलना और निकालना जरुरी है। देश की सुरक्षा के लिए भी ममता सरकार का पलटना जरुरी है, क्योंकि पश्चिम बंगाल को ममता बनर्जी ने घुसपैठियों का अड्डा बना दिया है, तेजी से डेमोग्राफी बदलने की साजिश चल रही है।

SIR अगर सफल हुआ तो केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि पुरे देश से बांग्लादेशियों और घुसपैठियों को मताधिकार से वंचित करने के बाद उन्हें देश से निकालने का मार्ग प्रशस्त होता हुआ दिखेगा।

फिलवक्त इतना ही … आगे-आगे देखिये होता है क्या ? #mudda_world

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